चीन ने सरकारी फर्मों को अमेरिकी सोयाबीन समेत कुछ अन्य उत्पादों की खरीद को रोकने को कहा है। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हांगकांग के मुद्दे पर वाशिगंटन द्वारा बीजिंग को दंड़ित किए जाने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाने की बात कहे जाने के बाद चीन ने यह कदम उठाया है। उसने अपनी फर्मों से अमेरिकी सोयाबीन तथा सुअर के मांस की खरीद को रोकने को कहा है।
एक सूत्र ने आगे बताया कि अमेरिकी मक्की तथा कपास की भारी मात्रा में खरीद करने वाले इस देश ने फिलहाल इन जिंसों की खरीद के मुद्दे को लंबित रखा हुआ है। उनका कहना है कि यदि वाशिगंटन कुछ और कार्रवाई करता है तो चीन कुछ और अतिरिक्त अमेरिकी कृषि उत्पादों को भी अपने खरीद रोकने के आदेश में शामिल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि हांगकांग के मुद्दे पर अमेरिकी प्रतिक्रिया के मुद्दे पर चीन ने प्रमुख सरकारी फर्मों को सोयाबीन और सुअर के मांस जैसे प्रमुख अमेरिकी कृषि उत्पादों की बड़ी मात्रा में खरीद को स्थगित करने को कहा है। उन्होंने आगे बताया कि अब हम यह देखेंगे कि अमेरिका की अगले कार्रवाई क्या होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गत सप्ताहांत कहा था कि मैंने अपने प्रशासन को हांगकांग को विशेष उपायों की प्रक्रिया को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। हांगकांग में नए सुरक्षा कानून को लागू करने की चीन की योजना के उत्तर में निर्यात नियंत्रण हटाना आदि शामिल है।
सूत्रों ने कहा कि यदि वाशिगंटन हांगकांग में और कोई कार्रवाई करता है तो चीन अमेरिका से और अधिक कृषि उत्पादों के आयात को रोकने को भी तैयार है। इन सूत्रों ने आगे बताया कि ट्रंप की टिप्पणी की वजह से चीन के आयातकों ने 10 से 20 हजार टन अमेरिकी सुअर के मांस की शिपमेंट, जोकि हाल ही के महीनों में एक सप्ताह के ऑर्डर्स के बराबर हैं, को रद्द कर दिया है। अमेरिकी मक्की और कपास की थोक मात्रा में सरकारी फर्मों द्वारा खरीद को फिलहाल स्थगित रखा गया है लेकिन अभी इसका ब्यौरा उपलब्ध नहीं है।
इस मामले से जुड़े एक अन्य सूत्र ने कहा कि यदि ट्रंप लगातार चीन को निशाना बनाते रहते हैं तो बीजिंग आरंभिक चरण के कारोबारी समझौते को समाप्त कर देगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप द्वारा लगातार हमले किए जाने की वजह से बीजिंग द्वारा अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद का कोई औचित्य नहीं है। ज्ञातव्य है कि गत जनवरी महीने में दोनों देशों के बीच हुए आरंभिक कारोबारी समझौते के तहत चीन द्वारा 2017 को आधार मानते हुए दो वर्षों में चीन द्वारा अमेरिकी कृषि उत्पादों की 32 अरब डॉलर की अतिरिक्त करनी थी।
कारोबारी समझौते के अंतर्गत संकल्प को पूरा करने क लिए चीन ने इस वर्ष अमेरिका से सोयाबीन, मक्की, गेहूं और सोया तेल की खरीद की है। घातक अफ्रीकन स्वाईन फीवर की वजह से अपने सुअर क्षेत्र को हानि पहुंचने के बाद बीजिंग ने अमेरिकी सुअर के मांस की खरीद के लिए भी कदम उठाए हैं। अमेरिकी कृषि विभाग ने सूचना दी है कि वर्ष 2020 की पहली तिमाही में चीन ने 1.028 अरब डॉलर मूल्य के सोयाबीन तथा 69.10 करोड़ डॉलर कीमत के अमेरिकी सुअर का मांस खरीदा है।