एमसीएक्स पर कॉटन की कीमतों में कल की गिरावट के बाद आज हलकी खरीदारी देखने को मिल रही है . दरसल कमजोर मांग के कारण कॉटन के दाम गिरे हैं. इसके अलावा इस साल कपास की बुआई भी ज्यादा है. हालांकि, उद्योग और व्यापार संघों का आरोप है कि अमेरिका के कृषि विभाग (यूएसडीए) द्वारा किए गए 'अत्यधिक' बकाया स्टॉक अनुमानों ने कपास की कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है. यूएसडीए ने अपनी रिपोर्ट में 31 जुलाई, 2020 तक 1 करोड़ 90 लाख गांठ कैरीओवर स्टॉक दिखाया है.
कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने चालू सीजन में करीब 50 लाख गांठ कपास का बकाया स्टॉक का अनुमान लगाया है.
बाजार जानकारों का कहना है की एमसीएक्स पर कॉटन का वॉल्यूम काफी कम है. मिलों की मांग अब भी कमजोर बनी हुई है. इस साल बकाया स्टॉक काफी ज्यादा है. इस साल बकाया स्टॉक काफी ज्यादा है. तीन महीने के बाद नई फसल आ जाएगी. ऐसे में कॉटन पर आगे भी दबाव जारी रह सकता है.