15 मई 2021 से पहले आयात की गई दलहन को रिलिज नहीं करेगी सरकार
▪️मिली जानकारी से पता चला है की, 15 मई 2021 से पहले आयात की गई दलहन, जोकि एसईजेड विभाग में रखी हुई है, उनको सरकार रिलीज नहीं करेगी।
▪️वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 15 मई 2021 से पहले आयात की गई दालों को फिलहाल रिलीज नहीं किया जायेगा, सूत्रों के अनुसार आयातकों ने केंद्र सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था।
▪️केंद्र सरकार ने कुछ दलहनों को प्रतिबंध से मुक्त श्रेणी में किया है, लेकिन कुछ आयातकों ने जिस समय प्रतिबंध लगा हुआ था, उसी समय आयात कर माल को सेज में रख लिया था, इसी माल को रिलीज करने से केंद्र सरकार ने फिलहाल मना कर दिया है।
▪️इसके साथ ही केंद्र सरकार ने आयात की दलहनों को दो सप्ताह के अंदर निर्यात करने के लिए ​कहां है।


सरकारी गेहूं 1750 से 1850 में बिका, मंडी के दामों में स्थिरता बनने के आसार
इंदौर:सरकारी गोदामों से गेहूं की बिक्री की टेंडर प्रक्रिया 14 सितंबर को हो चुकी थी। इस बीच बाजार गोदामों से आवंटित हो रहे गेहूं के लाट की कीमतों का अंदाजा लगाने में जुटा हुआ था। बाजार की आगे की दिशा पता करने के लिहाज से यह भी पता लगाया जा रहा था कि गेहूं के लाट बड़ी कंपनियों को मिले या मध्यम मिलों और व्यापारियों को भी आवंटित हुए। बुधवार दोपहर बाद आवंटित गेहूं के नाम सामने आनेलगे। अब तक की खबर 5 अनुसार अलग शहरों के गोदामों से सरकारी गेहूं 1750 से 1850 के दामों पर बिक्री किया गया है। इंदौर के मालवा एग्रो को जबलपुर के गोदाम से 1854 रुपये के दाम पर और एक अन्य व्यापारी नारायणी एप्रो को 1795 रुपये के भाव पर जबलपुर से ही गेहूं का लाट आवंटित होने की खबर है। हालांकि अभी आवंटित मात्रा सामने नहीं आई है। मंडी दलाल हीरालाल आगीवाल के अनुसार सरकार की ओर से बिक्री के लिए न्यूनतम दाम 1590 तय किए गए थे। अब सामने आ रहा है कि 1750 से ऊपर में ही गेहूं बिका है। गेहूं के दाम में भाड़ा खर्चा भी जोड़ा जाए तो दाम 1850 से 1950 बैठ रहे हैं।इस लिहाज से बाजार में आने वाले दिनों  में गेहूं के दाम में तेजी नहीं दिख रही। हालांकि इन दामों के लिहाज से गेहूं के दाम में मंदी की उम्मीद भी नहीं है। कुल मिलाकर अब गेहूं का बाजार स्थिर होता दिख रहा है।
*नई दुनिया से साभार

काबली चना ( चना डालर ) में तेजी की प्रबल संभावना 
काबली चने में वास्तविकता यह है कि नयी फसल आने में लंबा समय बाकी है। इसके अलावा इंदौर-भोपाल लाईन में भी बाजार तेज चल रहे है, जिससे जड़ में मंदा बिल्कुल नही है।
जानकारों के अनुसार, कुछ हल्के माल विदेशी मंदी कीमतों के बिक रहे है, जिससे बढ़िया माल की तेजी को विराम जरूर लगाया है, लेकिन और माल विदेशों से पड़ते में नही आ रहे है तथा काबली चना स्टॉक सीमा से बाहर है, जिससे वर्तमान कीमतों में जोखिम नही लग रहा है
.मूंग साप्ताहिक बाजार विश्लेषण
मूंग के भाव में मिलाजुला रुख दर्ज
मूंग में मांग सामान्य : मूंग दाल में औसत उठान
कर्नाटक में खरीफ मूंग की कटाई पूरी हो चुकी है और महाराष्ट्र में अंतिम चरण में है
राजस्थान में मूंग की फसल की कटाई 10-15 दिनों में शुरू होने की उम्मीद है राजस्थान में इस मौसम के अनिश्चित मानसून से फसल को नुकसान पहुंचा है
अगर बारिश जारी रही तो राजस्थान में मूंग की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है।
कुल मिलाकर इस खरीफ सीजन में मूंग का उत्पादन कमजोर रहने की उम्मीद है।
मूंग का एमएसपी 7275 है और फिलहाल सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है.
यदि अच्छी गुणवत्ता (हरा) मूंग 6500-6600 के स्तर के आसपास उपलब्ध है तो यह निवेश के लिए अच्छा हो सकता है
इस वर्ष अच्छी गुणवत्ता (हरा) मूंग की सीमित उपलब्धता के कारण मांग बेहतर रहने की उम्मीद है।
चना साप्ताहिक बाजार विश्लेषण
एनसीडीईएक्स के कमजोर संकेतों के कारण इस सप्ताह हाजिर चना में गिरावट
चना दाल में है डिमांड; लेकिन कम कीमत पर
बिक्री जो अभी भी कम कीमत पर देखी जा रही है, जल्द ही रुकने की उम्मीद है
एनसीडीईएक्स सितंबर चना अनुबंध आने वाले शनिवार (18 सितंबर) को समाप्त होगा
एक बार सितंबर अनुबंध तय हो जाने के बाद चना के लिए भविष्य का व्यापार कम होगा क्योंकि अक्टूबर अनुबंध में व्यापार कम है
इस बीच, एनसीडीईएक्स गोदाम (डीमैट) का स्टॉक तेज गति से उतर रहा है।
वर्तमान में बड़े व्यापारी या तो DEMAT स्टॉक या NAFED स्टॉक खरीद रहे हैं।
DEMAT और NAFED के पास केवल सीमित स्टॉक बचा है
इस बीच अगले माह (अक्टूबर) से रबी चना की बुवाई के लिए बीज की मांग सामने आएगी
चूंकि सभी राज्यों में अच्छी बारिश हुई है, इसलिए चना की बुवाई बढ़ेगी और बीज की मांग भी अच्छी रह सकती है।
हमें उम्मीद है कि 20 सितंबर के बाद चना की मांग में सुधार होगा।
दिल्ली चना 5625 के स्तर को तोड़ता है तो अगला लक्ष्य 6000 है जबकि चना के लिए 5200 . का मजबूत समर्थन है
उड़द तेजी मंदी से जुडी खास रिपोर्ट 
➡️उड़द की कटाई जोरशोर से शुरू बारिश बिगाड़ सकता है खेल
➡️ मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र , गुजरात , राजस्थान में उड़द की कटाईशुरू हो चुकी है 
➡️ उड़द की फसलपहले ही औसत से कमजोर है 
➡️इसबीच कल मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई 
➡️ यही हाल गुजरात और राजस्थान का रहा जहां कई उड़द उत्पादक इलाकों में सामान्य से अच्छी बारिश दर्ज की गई
➡️ चूँकि फसल लगभग तैयार है ऐसे में बारिश से नुकसान ( फसल और क्वालिटी ) होने की संभावना अधिक । 
➡️मध्य प्रदेश के सागर , पन्ना , विदिशा , छत्तरपुर , टीकमगढ़ , अशोकनगर , दमोह , मंदसौर ,गुना, नीमच प्रमुख जिले जहां काफी अच्छी बारिश रही 
➡️ कल राजस्थान के हाड़ौती संभाग ( कोटा , बारां , बूंदी और झालावाड़ ) में सामान्य से अधिक बारिश
➡️ नुकसान का सही सही आंकलन 2-3 दिन में पता चलसकेगा 
➡️ इसबीच 11-20 सितंबर मौसम विभाग ने महाराष्ट्र , मध्य प्रदेश , गुजरात , राजस्थान में बारिश का एलर्ट भी जारी किया है
अमेरिकी सोयाबीन की पैदावार बढ़ेगी, यूएसडीए रिपोर्ट
यूएसडीए के सितंबर फसल उत्पादन और आपूर्ति/मांग रिपोर्ट शुक्रवार के अनुसार, यूएस मकई, सोयाबीन की पैदावार व्यापार की उम्मीद के मुताबिक थोड़ी सी कूद गई।
नतीजतन, सीएमई समूह के मक्का और सोयाबीन बाजारों ने शुरू में नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और फिर सकारात्मक हो गए।
नवंबर सोयाबीन वायदा 16¢ की तेजी के साथ 12.86 डॉलर पर बंद हुआ।
जनवरी सोयाबीन वायदा 16¢ की तेजी के साथ 12.94 डॉलर पर बंद हुआ। मार्च सोयाबीन वायदा 15 1/2¢ की तेजी के साथ 12.99 डॉलर पर बंद हुआ।
दिसंबर सोयामील वायदा 4.60 डॉलर प्रति शॉर्ट टन की तेजी के साथ 342.50 डॉलर पर बंद हुआ।
दिसंबर सोया तेल वायदा 0.20 डॉलर की गिरावट के साथ 55.99¢ प्रति पाउंड पर बंद हुआ।
बाहरी बाजारों में, NYMEX कच्चे तेल का बाजार 1.57 डॉलर (+ 2.30%) $ 69.71 पर है। अमेरिकी डॉलर अधिक है, और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल्स 79 अंक कम (-0.23%) 34,799 अंक पर है।
मिर्ची रिपोर्ट मध्य प्रदेश - मिर्ची बुआई क्षैत्र मध्यप्रदेश में बारीश की बडी कमी के बीच मे सीड क्वालिटी एरिया में उमस व गर्मी के कारण वाइरस का अच्छा खासा 20% - 40% आगमन हो चूका है ।
इसके अलावा दीनांक 07-08-2021 को हुई आंधी तुफान के साथ बारीश ने जो मिर्ची अच्छी थी उसको भी नुकसान पहुँचाया है ।
जो लोग मध्यप्रदेश मिर्ची की फसल को बंपर बता रहे थे वह एकदम झुठ साबित होगा वर्ष 2020-2021 की 8 आठ लाख बोरी की तुलना में 2021-2022 में मिर्ची उत्पादन न्यूनतम 14 चौदह लाख बोरी व अधीकतम 22 लाख बोरी हो सकता है वह भी आगे मौसम अनुकुल हो और आगे बारीश होगी तब 
विदेशों में तेजी के बीच सोयाबीन, सरसों, सीपीओ और पामोलीन में सुधार 
विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सोयाबीन तेल, सरसों तेल तिलहन, कच्चा पॉम तेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतें सुधार दर्शाती बंद हुई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 1.4 प्रतिशत की और शिकागो एक्सचेंज में फिलहाल 0.2 प्रतिशत की तेजी रही। इसका असर घरेलू तेल तिलहन कीमतों पर भी दिखा और भाव मजबूती में रहे।
उन्होंने कहा कि हल्के तेल में सबसे सस्ता होने के कारण सोयाबीन डीगम की मांग बढ़ी है और इससे सोयाबीन के बाकी तेल के दाम भी मजबूत हुए। इसी तरह देश में वनस्पति बनाने वालों के बीच सीपीओ की मांग है और दूसरी ओर रिफाइंड तेल बनाने वाले संयंत्र इसकी खरीद नहीं कर रहे क्योंकि सीपीओ के मुकाबले पामोलीन अभी सस्ता है। पामोलीन की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हो रही है यही वजह है कि विदेशों में मजबूती के बावजूद पामोलीन का भाव ज्यादा बढ़ नहीं रहा।

सरसों की त्यौहारी मांग बढ़ रही है और देश की विभिन्न मंडियों में सरसों की आवक भी सोमवार जितनी (एक लाख 90 हजार बोरी के लगभग) है। बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में आवक कम होगी और मांग बढ़ेगी। ऐसे में सरकार को सहकारी संस्था हाफेड और नेफेड के जरिये सरसों की आगामी बिजाई के लिये बीज का इंतजाम कर लेना चाहिये।
देशी चना में आगे का व्यापार भरपूर लाभकारी..
सटोरियों द्वारा वसूली बिकवाली किये जाने से राजस्थानी चना लॉरेंस रोड पर 5550 रूपए प्रति क्विंटल बिकने के बाद आज 5525 रूपए रह गया तथा इन कीमतों में बढ़िया चना नही मिल पा रहा है। दाने छोटे दाल मिलों को मिल रहे है। यही कारण है कि मिलिंग पड़ता, बेपड़ता हो जाने से दाल मिलें उत्पादक मंडियों से माल पकड़ने लगी है। उत्पादक मंडियों में माल की आवक नही रहने से पड़ता महंगा लग रहा है। इसे देखते हुए यहां से बाजार जल्दी 250/300 रूपए का लाभ देने वाला है।
MSP मूल्य हुआ घषित जाने क्या रहेंगे भाव
गेहू  2015                         40 रु प्रति किवंटल की बढ़त
जौ 1625                           35 रु प्रति किवीटल की बढ़त
चना 5230                        130 रु प्रति किवंटल की बढ़त
मसूर 5500                       400 रु प्रति किवंटल की बढ़त 
सरसो 5050                     400 रु प्रति किवंटल की बढ़त 
सूरजमुखी 5441               114 रु प्रति  किवंटल की बढ़त
 धान ( सामान्य ) 1940    72 रु प्रति  किवंटल की बढ़त
धान ( ग्रेड ए) 1960          72 रु प्रति  किवंटल की बढ़त
ज्वार ( हाइब्रिड ) 2738      118 रु प्रति  किवंटल की बढ़त
ज्वार ( मालदंडी ) 2758     118 रु प्रति  किवंटल की बढ़त
बाजरा 2250                     100 रु प्रति  किवंटल की बढ़त
मक्का 1870                      20 रु प्रति  किवंटल की बढ़त
तुर ( अरहर ) 6300           300  रु प्रति  किवंटल की बढ़त
मुंग 7275                          79  रु प्रति  किवंटल की बढ़त
उड़द 6300                        300  रु प्रति  किवंटल की बढ़त
मूंगफली 5350                   275  रु प्रति  किवंटल की बढ़त
तिल 7307                          452 रु प्रति  किवंटल की बढ़त
रामतिल 6930                     35  रु प्रति  किवंटल की बढ़त
कपास 5726                       200  रु प्रति  किवंटल की बढ़त
 जानिए किसानों को 100 टैक्टर और 1035 थ्रेशर मुफ्त - 
08/09/2021
जम्मू-कश्मीर में खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए लाल मंडी में कृषि परिसर में कार्यक्रम के दौरान उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने किसानों को सौ ट्रैक्टर और 1035 थ्रेशर किसानों को वितरित किए। इससे किसान आधुनिक तकनीक से खेती कर सकेंगे और आय में इजाफा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मशीनों के माध्यम से होने वाली खेती से काफी बदलाव आ रहे हैं। पैदावार में भी इजाफा हो रहा है। किसान खेती के लिए तकनीक का प्रयोग करे। साथ ही पुराने फलदार पौधों की जगह पर अब हाई डेंसिटी पौधों को रोपे। पशुपालक भी चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाए। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अब ऑनलाइन ऑर्गेनिक प्रमापत्र सुविधा भी शुरू की गई है। इससे जैबिक ढंग से खेती को बढ़ावा मिलेगा। फसल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगी। इससे पहले कोल्ड स्टोरेज, मार्केट लिंकेज और खाद्य प्रसंस्करण यूनिटों की स्थापना की गई है। इससे भी किसान लाभ कमा रहे हैं।